मस्त विचार 2069
दुख के दस्तावेज हों या सुख की वसीयत,
ध्यान से देखोगे तो नीचे मिलेंगे, “खुद के ही दस्तखत”.
ध्यान से देखोगे तो नीचे मिलेंगे, “खुद के ही दस्तखत”.
लेकिन कभी अपनी गरीबी और कठिनाई के दिन न भूलना.
मुझे क्या पता था कि तुम दीवाना बना दोगे..
जब आप अपने पैसों की गिनती करते हैं.
वर्ना जो आगे मिलने वाला है उसे भी खो दोगे.
दूसरों के मामले में अड़ाने के लिए नहीं.
वो हम पर जान देता है….!
खुशियाँ मीठी गोली में हज़ार मिलती थी.
कोई राहबर बना तो कोई पलट गया.