सुविचार 2286
इन्हें खर्च कर के आप कुछ न कुछ हासिल करते हैं. भले ही यह कुछ पश्चात्ताप ही हो.
इन्हें खर्च कर के आप कुछ न कुछ हासिल करते हैं. भले ही यह कुछ पश्चात्ताप ही हो.
कि किसी की आँखों में आ ना सके,,
और हँसी इतनी सस्ती कर दे,
कि हर किसी के होंठो पर हरदम रह सके…!!!
कुछ गुलाब ऐसे भी हैं जो हर शाख पे नही खिलते..
या तो किसी जाग्रत की …. संगत ….पाकर जीना
या फिर इस जगत में … असंगत …. होकर जीना.
कि अस्त हो जाते है …
इनको दूर से निहारो तो आनंद देते हैं,
अगर पकड़ने की कोशिश की तो मर जाते हैं.
पर दिल को जिद है अपने ही अंदाज से जीने की.
आप जो बनना चाहते हैं, वही बनें, क्योंकि आपके पास केवल एक ही जीवन है और वह सब कुछ करने का एक मौका है जो आप करना चाहते हैं.
यक़ीनन उसके हिस्से में “चाँद” भी होगा.