सुविचार 1903
…हम *सही* हो सकते हैं…लेकिन मात्र हमारे सही होने से , *सामने वाला गलत* नही हो सकता…!!!
…हम *सही* हो सकते हैं…लेकिन मात्र हमारे सही होने से , *सामने वाला गलत* नही हो सकता…!!!
जो रूला सकता है वो भुला भी सकता है !!
क्यूँकि बिना “समर्पण” के संकल्प नहीं हो सकता और न ही बिना “संकल्प” के समर्पण …
वही लोग जिन्दगी को सच्ची तरीके से जीते हैं…
बातों मे रूहानी होनी चाहिए,
सारी दुनिया अपनी हो जाती है
बस “”मेरे यार “” तेरी मेहरबानी होनी चाहिए.
_ इशारों में बात हो भी जाए, वो समझ भी जाए..
_ वो डूबते डूबते भी तर गए, जिनपे तू मेहरबान था..!!
मगर धोखा देने वालों को सुकून नहीं मिलता.
रिश्ता सब से रखो पर उम्मीद किसी से नही…..