मस्त विचार 4621
लेकिन कमब्खत बदनामी बड़ा शोर करती है.
लेकिन कमब्खत बदनामी बड़ा शोर करती है.
एक सीमा से ज्यादा खींचे जाने पर उसका टूटना तय है..
आप अपनी भावनाओं को तुरंत बदल सकते हैं .. कुछ आनंददायक सोचकर, या कोई गीत गाकर, या एक सुखद अनुभव को याद करके..
लेकिन सत्य को जीने वाले सत्य को जीते भी हैं, जानते भी हैं।
सत्य को जानो मत, जियो।
ज़िन्दगी में क्या पता कौन कब बदल जाए..
हमारी अज्ञानता ही हमारे दुःख का कारण है.
आज से हम चुनौतियों में भी शांत रहें और अनोखे हल निकालें…
दिल से उतरे हुए लोगो से शिकायत कैसी…!!
_ आईना कहीं भी टूटे, मेरा ही नाम आता है.!!”
_ कभी-कभी ‘किनारा’ कर लेना ही समझदारी है.!!