सुविचार 4906
जहाँ प्रेम हो वहाँ स्पष्टीकरण देने की ज़रूरत नहीं पड़ती.
अपनी आवाज न उठाएं, _ अपने तर्क में सुधार करें.
जिसे हमारे होने से फ़र्क पड़ता है _ _ और ना होने से भी..
यदि _ संतान को सब कुछ _ माता_पिता से ही मिल जाएगा,
तब सन्तान को _ अपने आप को _ साबित करने का _ मौका ही नहीं मिलेगा,
यह भी एक प्रकार की _ नाइंसाफी है.
कभी सब्र से, कभी बेसब्री से…
फिर देखिए आपको सफल होने से कोई नहीं रोक सकता.