Collection of Thought 211
ईर्ष्या सिर्फ वह कर था _ जो आपने सफलता पर चुकाया था.
ईर्ष्या सिर्फ वह कर था _ जो आपने सफलता पर चुकाया था.
ना, नाराज़ है…………….ज़िन्दगी..,
बस जो है….वो आज है………..ज़िन्दगी.!!!
दूसरों पर आश्रय उस की स्वयं की सत्ता को सोख लेता है.
किस्मत आपके हाथ में नहीं है, फैसला आपके हाथ में है, किस्मत आपका फैसला नहीं बदल सकती, आपका फैसला आपकी किस्मत बदल सकता है.
अतः उत्तम प्रभाव डालने के लिए यह एक सहज उपाय है.
ना तो किसी को ग़म चाहिए और ना ही किसी को कम चाहिए…”
ढूंढने चले थे जिंदगी, जिंदगी से दूर हो गए.
लेकिन जिन्हें वास्तव में इसकी आवश्यकता है उन्हें अनुमति नहीं है “
चुनौतियों को स्वीकार करें ताकि आप जीत के उत्साह को महसूस कर सकें.