सुविचार 1045

उदार आदमी जब तक जीता है, आनंद से जीता है और तंगदिल जिंदगीभर दुखी रहता है. 

सुविचार 1044

किताबी इल्म डिगरियां देता है जबकि दुनियाबी इल्म इंसानी सोच की महीन सी झीनीझीनी चादर बुनना भी सिखा सकता है.

सुविचार – U N C L E – 1043

U N C L E 😜😂

उम्र पचास पार है लेकिन
शक्ल हमारी तीस के जैसी
मुझको uncle कहने वाले,
धत्त तुम्हारी ऐसी तैसी
बेटे के कॉलेज गया तो,
टीचर देख मुझे मुस्कुराई
बोली क्या मेनटेइंड हो मिस्टर,
पापा हो, पर लगते हो भाई
क्या बतलाऊँ उसने फिर,
बातें की मुझ से कैसी कैसी
मुझको uncle कहने वालों,
धत्त तुम्हारी ऐसी तैसी
पडोसन बोली, सेकंड हैंड हो,
लेकिन फ़्रेश के भाव बिकोगे
बस थोड़ी सी दाढ़ी बढ़ा लो,
बिलकुल हीरो जैसे दिखोगे
मुझको uncle कहने वालों,
धत्त तुम्हारी ऐसी तैसी
बीवी सोच रही है शौहर,
मेरा कितना अच्छा है जी
पढ़ती नहीं गुलज़ार साहेब को,
दिल तो आख़िर बच्चा है जी
नीयत मेरी साफ़ है यारों
नही हरकतें ऐसी वैसी
मुझको uncle कहने वालों,
धत्त तुम्हारी ऐसी तैसी
कितने जंग लड़े और जीते
इन गुज़रे सालों में हैं
दो-एक झुर्रियाँ गालों में हैं,
और सफ़ेदी बालों में है
इरादे मगर मज़बूत हैं अब भी,
उमंग भी सॉलिड पहले जैसी
मुझको uncle कहने वालों,
धत्त तुम्हारी ऐसी तैसी
जीने का जज़्बा क़ायम हो तो,
उम्र की गिनती फिर फ़िज़ूल है
अपने शौक़ को ज़िंदा रखो,
जीने का बस यही उसूल है
ज़िंदादिली का नाम है जीवन,
परिस्थितियाँ हों चाहे जैसी
मुझको uncle कहने वालों,
धत्त तुम्हारी ऐसी तैसी
🍀🍃🍀🍃🍀🍃🍀🍃🍀
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सुविचार – ज़िंदगी को बहुत सीरियसली लिया मैंने… – 1042

ज़िंदगी को बहुत सीरियसली लिया मैंने…

हर बात के अर्थ निकाले …

हर ख़ामोशी समझी …

हर आँख को पढ़ा मैंने …

अंत में जाना ..

जीवन सहज होने में है, यूँ ही जीने में है …

जंग नहीं खेल है ..

कोई फर्क नहीं पड़ता हार जाने से …

न फर्क पड़ता गिर पड़ने से …

उठो कपड़े झाड़ो चल पड़ो …

न बोझ बनो किसी पर ..

न किसी को बोझ बनाओ ..

जितना मिले नाचो गाओ ..

कभी मन करे तो चुप हो जाओ ..

पर अब हर बात में अर्थ न ढूंढो ..

मस्त विचार 942

जो कल था उसे भूल कर तो देख

जो आज है उसे जी कर तो देख,

आने वाला पल खुद ही सँवर जाएगा

एक बार मेरे यार को याद कर के तो देख. 

मस्त विचार 941

शिकायतें तो बहुत थी जमाने से,

जो जवाब मांगने निकला तो,

खुद को सवालों से घिरे पाया,

सोचा, लोगों को उनकी असलियत

बता दूँ,

जब देखा सामने तो,

खुद को आइने के सामने पाया.

परेशानी का सबब बनना है आसान,

रास्ता निकालना जरा है मुश्किल.

सबके साथ चल, सबकी बात कर,

साथी हैं सब सफर के.

तंग है तो क्या मलाल है.

आज है गम तो, कल खुशहाल है.

सुख-दुख तो मौसम हैं जीवन के,

बदल जायेगा मौसम,

रात ऋतु के बदलते.

रोता हुआ आया था,

रुलाते हुए जाना है.

सबकी ख़ुशी में शरीक हो ले,

कट जाएगा रास्ता,

फिर हँसते-हँसते.

जो हासिल है, वो भी कम तो नहीं.

बन जा सहारा किसी डूबते का,

चाहे खुद को तिनका समझ कर. Pk

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