मस्त विचार 941

शिकायतें तो बहुत थी जमाने से,

जो जवाब मांगने निकला तो,

खुद को सवालों से घिरे पाया,

सोचा, लोगों को उनकी असलियत

बता दूँ,

जब देखा सामने तो,

खुद को आइने के सामने पाया.

परेशानी का सबब बनना है आसान,

रास्ता निकालना जरा है मुश्किल.

सबके साथ चल, सबकी बात कर,

साथी हैं सब सफर के.

तंग है तो क्या मलाल है.

आज है गम तो, कल खुशहाल है.

सुख-दुख तो मौसम हैं जीवन के,

बदल जायेगा मौसम,

रात ऋतु के बदलते.

रोता हुआ आया था,

रुलाते हुए जाना है.

सबकी ख़ुशी में शरीक हो ले,

कट जाएगा रास्ता,

फिर हँसते-हँसते.

जो हासिल है, वो भी कम तो नहीं.

बन जा सहारा किसी डूबते का,

चाहे खुद को तिनका समझ कर. Pk

Quotes by प्लूटार्क

केवल थोड़े से कुकर्म, बहुत से गुणों को दूषित करने में समर्थ होते हैं.
त्रुटि निकालना सरल है, अच्छा कार्य करना कठिन है.

Quotes by गुलज़ार

ख़्वाहिशें कुछ कुछ यूँ भी अधूरी रही,

पहले उम्र नहीं थी अब उम्र नहीं रही.

जख्म कहाँ कहाँ से मिले हैं…..छोड़ इन बातों को..

जिन्दगी तू तो बता सफर और कितना बाकी है…

मुख़्तसर सा गुरुर भी ज़रूरी है जीने के लिए

ज़्यादा झुक के मिलो तो दुनिया पीठ को पायदान बना लेती है

कुछ रिश्तों में मुनाफा नहीं होता

पर जिन्दगी को अमीर बना देते हैं

जब गिला शिकवा अपनो से हो तो खामोशी ही भली

अब हर बात पे जंग हो यह जरूरी तो नहीं

दर्द की अपनी भी एक अदा है..

वो भी सहने वालों पर फ़िदा है..

मिलता तो बहुत कुछ है इस ज़िंदगी में..

बस हम गिनती उसी की करते हैं जो हासिल ना हो सका

अब न मांगेंगे ज़िन्दगी या रब

ये गुनाह हमने इक बार किया

इच्छाएँ बड़ी बेवफा होती हैं..

कमबख्त, पूरी होते ही बदल जाती हैं..

थोड़ा सुकून भी ढूँढिये जनाब,

ये जरूरतें तो कभी खत्म नहीं होंगी

मैने सिर्फ तुम्हारे कदम गिने थे, तुम्हारे क़दमों की आहट सुनी थी

तुमने आना छोड़ दिया लेकिन मैंने इंतजार करना नहीं छोड़ा

कौन कहता है कि हम झूठ नहीं बोलते

एक बार खैरियत तो पूछ के देखिए

सहम सी गई है ख्वाहिशें,,,

शायद जरूरतों ने ऊंची आवाज में बात की होगी

यू तो ज़िन्दगी तेरे सफर से शिकायते बहुत थी

मगर दर्द जब दर्ज कराने पहुँचे तो कतारे बहुत थी

सुना है.. काफी पढ़ लिख गए हो तुम..

कभी वो भी पढ़ो जो हम कह नहीं पाते..

सो जाइये सब तकलीफों को सिरहाने रख कर ,,,क्योंकि

सुबह उठते ही इन्हें फिर से गले लगाना है.

थोड़ी थोड़ी गुफ़्तगू दोस्तों से करते रहिये

जाले लग जाते हैं अक्सर बंद मकानों में..

मस्त विचार 939

समझ ……… कोई बात तत्काल उसी समय समझ में आ जाती है, कोई कुछ घण्टों में समझ आती है, कुछ को कुछ दिन, किसी बात को कुछ महीने और साल लग जाते हैं, कुछ बात दूसरे के दृष्टिकोण से सही होने पर भी हमें समझ नहीं आती. अतः बहस बहुत विचार कर करें और किसी बात को प्रतिष्ठा का प्रश्न कभी न बनाएँ.

सुविचार – 1040

” एकाग्रता ” वह धन है, _ जो आप से वो करवा लेती है, _

_ जिसे करना सब के बस में नहीं होता.

मस्त विचार 938

अब तो किस्मत ही मिला दे तो मिला दे,

वरना हम तो बिछड़ गए हैं तुमसे

तूफ़ान में परिंदों की तरह.

सुविचार 1039

ज़िन्दगी तो सबकी है, सब सांस ले रहे हैं. मनुष्य का चोला भी मिला है लेकिन जिसमे कोई उत्साह नहीं है, कर्मठता और स्फूर्ति नहीं है – वह ज़िन्दगी , ज़िन्दगी नहीं है.
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