मस्त विचार 1010

नदी में पानी मीठा रहता है, क्योंकि वो देती रहती है.

सागर का पानी खारा रहता है, क्योंकि वो लेता रहता है.

नाले का पानी दुर्गन्ध पैदा करता है, क्योंकि वो रुका रहता है.

अपना जीवन भी वैसा ही है,

देते रहेंगे तो मीठे लगेंगे, लेते रहेंगे तो खारे लगेंगे.


 

सुविचार – मैं छिपाना चाहता हूँ – 1100

मैं छिपाना चाहता हूँ खाली फटी जेब के छेद, उनमें उंगलियां डालकर, मुट्ठियां भर कर..

मैं छिपाना चाहता हूँ, घर से दफ्तर जाते _ दफ्तर से घर आते, वह एक बड़ी लंबी सी सूची _ जिसमें लिखा होता है _ दफ्तर जाते वक्त करना है क्या ? पर रोज मैं उस लंबी सूची के मुताबिक न कुछ कर पाता हूं _ न ला पाता हूं..

मैं छिपाना चाहता हूँ, कमीज की उघड़ी सिलाई, टूटे बटन, पेंट की तुरपाई, _ कभी इस कमीज को कभी उस पैर को बदल- बदल कर _ लेकिन आस्तीन से बाहर झांकती _ अंदर की धुलाई से लंबी हो गई बनियान की लटकती बाहें – दबे छुपे कह ही देती हैं _ बहुत कुछ..

जरूरत और चाहत में बहुत फ़र्क है, तालमेल बिठाते बिठाते ज़िन्दगी गुज़र जाती है.!

सुविचार 1099

अच्छी योजना बनाना बुद्धिमानी का काम है पर उस को ठीक से पूरा करना धैर्य और परिश्रम का.

Collection of Thought 161

Our prime purpose in this life is to help others. And if you can’t help them, at least don’t hurt them.

इस जीवन में हमारा मुख्य उद्देश्य दूसरों की मदद करना है,_ और अगर आप उनकी मदद नहीं कर सकते हैं, तो कम से कम उन्हें चोट न पहुंचाएं.

मस्त विचार 1008

मंजिल तो हासिल कर ही लेंगे कहीं किसी रोज,

ठोकरें ज़हर तो नहीं जो खा के मर जाएँ….

अपने मन में आपके प्रति ज़हर रखने वालों से,

_दूर हो जाना किसी जीत से कम नहीं होता..

सुविचार 1098

रास्ते पर कंकड़ ही कंकड़ हो तो भी एक अच्छा जूता पहनकर उस पर चला जा सकता है. लेकिन एक अच्छे जूते के अन्दर एक भी कंकड़ हो तो एक अच्छी सड़क पर भी दो चार कदम चलना मुश्किल है. यानी बाहर की चुनौतियों से नहीं बल्कि हम अपनी अन्दर की कमजोरियों से हारते हैं.

Collection of Thought 160

Don’t look at what others are doing rather concentrate on your own work.

यह मत देखो कि दूसरे क्या कर रहे हैं बल्कि अपने काम पर ध्यान दो.

सुविचार 1097

जीवन एक बहुमूल्य अवसर है, पर उसका मूल्य जीने वाले पर निर्भर करता है.

मस्त विचार 1007

अहमियत तेरी बता नहीं सकता.

रिश्ता क्या है समझा नहीं सकता.

तुम मेरे लिए इतने ख़ास हो कि,

तुम जो नहीं साथ तो मैं मुस्करा नहीं सकता.

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