सुविचार 755
जीवन में श्रेष्ठ कर्मों को अपना कर ऊँचा उठें. अपने विचारों से, चिन्तन से कभी छोटे न हों.
अब तो तेरी याद भी आती है आँखें रो देती हैं….
मगर जो जिंदा हैं उसे समझने वाला एक भी नही मिलेगा……।
मरने वाले को रोने वाले हज़ार मिल जाएगे ……।
हारने के बाद भी खड़ी रहती है….यह ज़िन्दगी सचमुच बड़ी होती है.