सुविचार 749
मस्त विचार 647
फिर करीब से कुछ चेहरे पढ़े…
और न जाने…कितने सबक सीख लिए…!!
मस्त विचार 646
कठिनाई हार गई मुझ से, पर मै तो ना बिलकुल बिखरा. पैसों की भी देखी तंगी, बीमारी भी आई नंगी. मै झेल गया विपदा सारी, पर ना मैंने हिम्मत हारी. ना इन सबने लाचार किया, मैंने हर सपना साकार किया. जीवन जीने की शैली को, मैंने एक नया आकार दिया.
मस्त विचार 645
……आँख खुले तो सामने तू नजर आए.
मस्त विचार 644
ना मिला तू, तो मै थक कर आ गया घर में, घर में कदम रखते ही, लगा मेरे पीछे ही आ गया तू, मिला तू मुझे मेरे ही में, मै शायद भूल गया और बेवजह निकल पड़ा बाहर, तू मिल गया मुझे मेरे ही में .
मस्त विचार 643
जिन्दगी को परवाज कर दो.
फिर खुशियाँ सब साथ होगी, मंजिल भी तुम्हारे पास होगी.
मस्त विचार 642
और हम पागल उनकी मर्ज़ी का इंतज़ार करते हैं .!!
मस्त विचार 641
क्यों कि……. जिन के पास खुद इज्जत नहीं….. वो किसी और को क्या इज्जत देंगे.
सुविचार 748
अगर आप को दूसरे का दर्द भी महसूस होता है तो आप एक इंसान हैं.





