विपत्ति में पड़े बिना, सुख की महिमा समझ में नहीं आती.
मस्त विचार 640
भारी – भारी बातें हैं पर हल्के हल्के लोग हैं. पता नहीं कब दोस्त यहाँ अपना दुश्मन बन जाएगा, गहरे – गहरे वादे हैं पर उथले – उथले लोग हैं. बगुला भगत बने फिरते पर हंस खूब कहलाते हैं, भीतर से काले, ऊपर से उजले – उजले लोग हैं. डांवाडोल लिए दिल फिरते, बातें करते सधी हुयी, जाने किस मद में हैं डूबे बहके – बहके लोग हैं. मेरी मानो तो दुनियाँ की बातों में मत आ जाना, भीतर तो दुर्गंध लिए, पर महके – महके लोग हैं.
बदली-बदली दुनिया है ये बदले-बदले लोग हैं,
मस्त विचार 639
मैने उसे इतना पढ़ा, कि मुझे याद हो गया.
वो चेहरा जो मेरी आँखों में आबाद हो गया….
सुविचार 746
हम अक्सर बड़ी खुशियों की चाह में बड़े काम करने की कोशिश करते हैं. लेकिन, जब अपने काम से दूसरों के चेहरे पर मुस्कुराहट आती है, तो उसकी खुशी किसी बड़ी सफलता से कम नहीं होती. दूसरों के चेहरे पर मुस्कान लाना भी बड़ी खुशी है.
सुविचार 745
अपनी छवि का ध्यान रखें, क्योंकि इसकी आयु आपकी आय से कई गुना अधिक है.
सुविचार 744
रोग ग्रस्त शरीर सह्य हो भी जाये पर रोग ग्रस्त मन नहीं. आदर्श विहीन व्यक्ति पतवार रहित नाव के समान है.
मस्त विचार 638
इंसान सुनता आधा है, समझता चौथाई है,
सोचता शून्य है और प्रतिक्रिया दुगुनी देता है.
सुविचार 743
हम रोज दिन में कई बार नफ़रत का बीज बोते हैं और जब पौधा बड़ा हो जाता है तो,
_ उसके फल खा कर चीखतें हैं.. कि धरती ने हमारे साथ धोखा किया है.
पौधा हो या विचार, पनपेगा वही जिसे आप पानी देंगे..!!
सुविचार 742
नकारात्मक सोचने वाला हर तथ्य में कमी ढूँढ ही लेता है. जबकि सकारात्मक, कमी में भी अच्छाई तलाश लेता है, अतः हमें पता नही चलता लेकिन हमारी यही प्रवृत्तियाँ लोगों को स्वतः ही सुख या दुख देते चली जाती है.
सुविचार 741
अप्रकाशित चीजें केवल अंधकार को ही धारण किये हुए होती है.





