मस्त विचार 549

जिन्दगी हमें हमेशा नया पाठ पढ़ाती है, _

_ लेकिन हमें समझाने के लिए नहीं बल्कि हमारी सोच बदलने के लिए..

सुविचार 597

मनुष्य जिस तरह की बातें सोचने लगता है, उसी तरह की उसकी विचार धारा बन जाती है और जिस तरह की विचार धारा बन जाती है, उसी तरह का वह जीवन जीने लगता है.

मस्त विचार 548

शहर की सड़को को गौर से देखा जाए

कोई रिश्ता सा इनसे भी नज़र आए,

मेरा कुछ था, मगर वो कुछ भी न था

रास्ता, वो जो रोज़ मेरे घर को जाए….

सुविचार 596

कठिनाइयां सब पर आती हैं. बुद्धिमान उसे हंस कर और मूर्ख उन्हें रो कर काटते हैं.

मस्त विचार 547

मैं दुनिया को प्रभावित करने के लिए जीवित नहीं हूँ,

मैं जीवित हूँ उस तरीके से जीने के लिए…

जो मुझे खुश बनाता है.

मस्त विचार 546

मुझमे खामीया बहुत सी होगी,

मगर एक खूबी भी है…”मैं किसी से रिश्ता मतलब के लिए नही रखता.”

अब लोग इतने हल्के हो गए हैं कि एक खामी हज़ार खूबियों पर भारी पड़ जाएगी !!

सुविचार 595

जीवन का सौन्दर्य मर्यादा के कारण है, अमर्यादित जीवन सौन्दर्यहीन हो जाता है.

मस्त विचार 545

जिंदगी है छोटी, हर पल में खुश हूँ,

काम में खुश हूं, आराम में खुश हूँ,

आज पनीर नहीं, दाल में ही खुश हूँ,

आज गाड़ी नहीं, पैदल ही खुश हूँ,

दोस्तों का साथ नहीं, अकेला ही खुश हूँ,

आज कोई नाराज है, उसके इस अंदाज से ही खुश हूँ,

जिस को देख नहीं सकता, उसकी आवाज से ही खुश हूँ,

जिसको पा नहीं सकता, उसको सोच कर ही खुश हूँ,

बीता हुआ कल जा चुका है, उसकी मीठी याद में ही खुश हूँ,

आने वाले कल का पता नहीं, इंतजार में ही खुश हूँ,

हंसता हुआ बीत रहा है पल, आज में ही खुश हूँ,

जिंदगी है छोटी, हर पल में खुश हूँ.

सुविचार 594

मैं तो वक़्त से हार कर सर झुकाये खड़ा था,

_ सामने खड़े लोग खुद को बादशाह समझने लगे..

सुविचार 593

अपनी निर्णयात्मक शक्ति को मजबूत बनाने का एक ही तरीका है — उस से अधिक से अधिक काम लेना.
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