सुविचार – डायरी – Diary- 003

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सफल लोगों के तमाम नुस्खों में से एक नुस्खा है, अपने साथ हमेशा एक डायरी व पेन रखना, तो आप पायेँगे कि हर सफल व्यक्ति ऎसा करता है, यह सही तरीका है.
ये डायरी लिखना न मेरे लिए बहुत शानदार रहता है, _ मैं दिनचर्या में कुछ वक्त निकाल कर कुछ ऐसे चीजों को लिख लेता हूँ, _

_ जो मैं कभी किसी को कह नहीं सकता ; लेकिन मैं यहां लिखकर अपने मस्तिष्क के असीम बोझ को हल्का कर लेता हूँ..!!

विचारों को कागज़ पर आकार दें, क्योंकि आकार मिल जाने के बाद आप उनका अध्ययन कर सकते हैं, उनकी कमियाँ देख सकते हैं और फिर उनमे सुधार कर सकते हैं.
हर चीज सिस्टमेटिक तरीके से करें. अपनी योजनाएँ डायरी में लिखें, मुख्य चीजों की सूची बनाएँ, चेक करें कि कौन- कौन सा काम हो गया है.
एक छोटी डायरी रखें और प्रत्येक जरुरी काम उस में लिख लें, इससे आप कुछ भूलेंगे नहीं और याद रखने का तनाव भी नहीं झेलना पड़ेगा. कार्य पूरे करते जाएँ उसे काटते जाएँ, आप पायेंगे कि आपके सभी काम आसानी से हो रहे हैं.
अपने डेली प्लान को डायरी में नोट करें, डेली प्लानर का सब से बड़ा फायदा यह होता है कि आप किसी भी कार्य के लिए पहले से मानसिक रूप से तैयार होते हैं. सो, सफलता मिलना लगभग तय हो जाता है.
मैं अपने अनुभवों को शब्द देना पसन्द करता हूँ, जिसे साधारण भाषा में डायरी लिखना कह देते हैं. _

_ अक्सर मन की बात जबान तक आते- आते या औरों तक जाते- जाते अपने मायने बदल लेती है._

_ डायरी ही वह दोस्त है, जो हमारी अंतरंग सचाइयों को हूबहू खुद में सम्भाले रखती है.

व्यक्ति को हर रोज दिन पूरा होने पर लिखना चाहिये कि आज उसने क्या-क्या किया? क्या खोया, क्या पाया? आपने अगर कुछ नया किया है, तो उसे डायरी में लिखें.

डायरी लिखने के जो फायदे हैं, वो आपकी जिंदगी बदल सकते हैं. क्योंकि आपकी पर्सनल डायरी आपका आइना बनकर उभरती है. आपने कहां गलती की, कहां समझदारी, कब किसी का दिल दु:खाया, कब किसी को खुश किया, कहां फेल हुए कहां पास और जीवन में आज क्या नया किया, यह सब आप पर्सनल डायरी में लिखते हैं.

डायरी लिखने से इंसान का स्वयं का विकास होता है। इसलिए आप कहीं भी जाइये.. अपने अनुभव आकर जरूर डायरी में लिखिये. फिर जब कुछ दिनों बाद आप उन पन्नों पर पलटेंगे तोआप को ही अच्छा लगेगा और आपके दिमाग में नये विचार आयेंगे. डायरी लिखना एक खूबसूरत आदत है.
डायरी लिखने का सबसे बड़ा फायदा है कि इंसान के पास हर चीज का रिकार्ड मेंटेन रहता है, अपने और अपनों से जुड़ी बातें अगर आप रोज डायरी में लिखेंगे तो आप कभी भी चीजों को भूल नहीं पायेंगे.
दिन भर भाग-दौड़ करने के बाद जब आप रात में डायरी लिखने बैठते हैं तो लिखते-लिखते ही आप को प्यारी सी नींद आ जाती है और आपको किसी भी दवा की जरूरत नहीं, यानी दूसरे दिन आप तरो-ताज़ा महसूस करते हैं.
आजकल भागम भाग भरी लाइफ में इंसान के पास अपनों के लिए वक्त ही नहीं होता है, ऐसे में डायरी की वजह से इंसान को अकेलापन महसूस नहीं होता, उसकी खुद से दोस्ती हो जाती है और वो कभी अवसाद ग्रसित नहीं होता.
डायरी के कारण आप स्वयं का आंकलन कर सकते हैं, आप अपनी क्षमता का ब्यौरा देखकर खुद को सुधारने का मौका दे सकते हैं और आगे बढ़ने के लिये तय कर सकते हैं कि आगे आपको क्या करना है.
अगर आप डायरी लिखते हैं तो आपकी याददाश्त हमेशा मजबूत रहेगी, ना तो आप अपने किसी क्लोज का बर्थेडे भूलेंगे और ना ही एनिवर्सरी.
रोज़ाना अपनी टू डू लिस्ट अपडेट करें यानी दिनभर में आपको जो भी काम करना हो, उसकी लिस्ट बनाएं.
डायरी में लिखीं आपकी भावनाएं आपको सुख-दुख का एहसास कराती हैं और इसी कारण आप मानसिक रूप से मजबूत होते हैं.
डायरी लिखने से इंसान के अंदर एक नियम बद्ध काम करने की आदत पड़ती है जो कि सफलता का मूल मंत्र है.
डायरी लिखने से आप के लेखन में सुधार होता है जो कि आपको भीड़ से अलग करता है, यानी भाषा में आपकी पकड़ मजबूत होती है. अच्छे शब्द भी जहन में आते हैं.
इंसान दिन भर में बहुत कुछ सोचता है लेकिन उन विचारों को गति दे नहीं पाता, अगर आप अपने विचारों को रोज डायरी में लिखेंगे तो आप जरूर अपनी सोच और विचार को आकार दे पायेंगे.
डायरी में आप दूसरे लोगों के अनुभव भी लिखें जिससे कि आपके अंदर दूसरों के अनुभवों से भी सीखने की आदत डेवलप होगी जो कि सफलता का मूल मंत्र हैं.

2008 – ध्यान
2009 – Meditation मैडिटेशन
2010 – नज़रअंदाज़ – बेपरवाह, – परवाह
2011 – बोर, बोरियत, ऊब, उबाऊ, डिप्रेशन, नीरसता या समानता से थक जाना
2012 – अकेलापन – Loneliness – Anxiety – एकाकीपन – सूनापन – अकेला और एकाकी – एकांत – उदास- उदासी- उदासीनता- मायूस – मायूसी – दिमागी घुटन – मानसिक अवसाद –
2013 – लोग क्या कहेंगे
2014 – Mental Health
2015 – यार – सखा – मितवा – रहबर
2016 – पगला – बावला – बावरा – मतवाला – मस्ताना – दीवाना – रंगीला – बिंदास
2017 – सही जीवन कैसे जीना चाहिए ?
2018 – मस्त जीवन कैसे जीना चाहिए ?
2019 – अपने को कैसे संभालें ?
2020 – मुझे जिंदा रहने दिया जाए !
2021 – ज्ञान कि बूंदें
2022 – ” सोचें ” आपके लिए क्या अच्छा है और क्या नहीं ?
2023 – ” सुन्दर जीवन कैसे जीना चाहिए ?
2024 – आनंद क्या है ?
2025 – मन हो नया
2026 – Toxic People
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सुविचार – SV – 006 – मौन
SV – 007 – खामोशी – खामोश
SV – 037 – दिखावा
SV – 040 – स्वास्थ
SV – 045 – सादगी – सहजता – मौलिकता – साधारण जीवन
SV – 054 – नेचर – प्रकृति – कुदरत – अस्तित्व,
SV – 098 – आध्यात्म
SV – 099 – आध्यात्मिक परिपक्वता क्या है ?
SV – 101 – ध्यान करके क्या हासिल होगा ?
SV – 2205 – मन हो नया
SV – 3329 – रो. अग्रवाल
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1. Kyari
2. Krish
3. Kanishk
4. Kanha
5. Krishna
6. Kunbo
7. Khazaana
8. Diary
9. Important List
10. How am I
11. Mahak
12. Mentor
13. Mast Magan
14. Mahfil
15. Nomad
16. Advaita
17. Akash
18. Unique
19. Aman
20. Madhav
21. Sachin
22. Varun
23. Keshav
24. Kaash
25. Kalash
26. Kitaab
27. Spouse
28. Break
29. Morning Power
30. Simple
31. Musafir
32. Kridant
33. Kanan
34. Kaynat
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KANHA – 1. पृथ्वी- धरती, जमीन, 2. आकाश – अम्बर, व्योम, अर्श, नभ, गगन, भास्कर 3. जल – नीर 4. अग्नि – आग, सूर्य 5. वायु – पवन, हवा, समीर, मारुत
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तराश, निखार, राही, राहगीर, रिदम, कुशल, Karishma, KLOUD, Kaaynat, Mridul, Madhur, Maasum, Manzil, Musafir, Rimjhim, Jharna,
अनम कारा, प्रगति, मनमौजी, मीत, मितवा,
उत्साह, उमंग, Kanak, “खुशी के रंग” “जीवित यादें”

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