यह सही है कि मैं status conscious हूँ, लेकिन इसका अभिप्राय यह नहीं कि मैंने ग़रीबी नहीं देखी.
_ मेरा उद्देश्य यहाँ अपनी गरीबी का बखान करना नहीं है,
_ क्योंकि मुझे अपने दुखड़े रोना और दूसरों की सहानुभूति लूटना पसंद नहीं है.
_ यह बात मैंने सिर्फ़ इसलिए बताई ताकि मैं आपको यह बता सकूँ कि उन कष्ट के दिनों में मेरे माँ-पिता ने या मैंने कभी अपनी गरीबी के लिए अमीरों को दोषी नहीं ठहराया.
_ अपने अमीर रिश्तेदारों को बद्दुआएं नहीं दीं.
_ कभी नहीं लगा कि हमारे ग़रीब होने के पीछे अमीरों का हाथ है.
_ कभी अपने खुशहाल रिश्तेदारों से, मित्रों से यह उम्मीद नहीं रखी कि वे अपना पैसा हमारे साथ बाँट लें.
_ कभी पूँजीपतियों से नफ़रत नहीं की.
_ हमेशा या तो किस्मत को दोषी ठहराया या हालात सुधारने के लिए खुद प्रयास किए. _ यह यहाँ फ़ेसबुक पर आकर ही जाना कि लोग दूसरों के कारण गरीब होते हैं.
_ वर्ना हमें तो लगता था कि इंसान की अपनी अयोग्यता और भाग्य होता है जो इंसान को गरीब बनाता है.
_ मैंने बहुत से ऐसे निकम्मे लोग देखे हैं, जो अपने निकम्मेपन के कारण कभी खुशहाल हो ही नहीं सकते.
_ कोई दूसरा आपका भाग्य न बनाता है, न बिगाड़ता है.
_ आप अपनी मेहनत, सूझबूझ, बुद्धि एवं शिक्षा के बल पर अपना भाग्य बना सकते हैं.
_ मेरी स्पष्ट सोच यह है कि केवल निकम्मे लोग गरीब होते हैं, गरीबी का रोना रोते हैं, पैसे वालों से जलते हैं.
_ मेहनती लोग कभी अभावग्रस्त नहीं रहते.!!
Manika Mohini