जब हमें कोई नुकसान होता है, तब यही सोच कर दिल को तसल्ली देनी होती है कि इससे भी ज़्यादा नुकसान हो सकता था.
_ हमें जितनी भी बड़ी चोट लगे, तसल्ली के लिए यही सोचना होगा कि इससे भी बड़ी चोट लग सकती थी.
_ बहुत बड़ी दुर्घटना हो जाए तो सोचिए, शुक्र है, बच गए, मर भी सकते थे.!!.
– Manika Mohini






