सुविचार 267

आप किसी के दिल को जख्मी करेंगे तो वह मौका मिलते ही पलट कर वार जरुर करेगा, समझदारी व दूरदर्शिता दिखाते हुए इस तरह के दुष्चक्र में न फंसें.

सुविचार – Generation Gap – जेनरेशन गैप – पीढ़ी का अंतर – 266

वक़्त-वक़्त की बात है. पहले पैसा कीमती था, अब समय कीमती है. अब समय को बचा कर उसी समय में व्यक्ति खर्च करने से ज़्यादा कमा सकता है तो समय क्यों न बचाए ?

Generation Gap
Father used to walk 20 minutes to save Rs. 20. Son spends Rs. 20 to save 20 minutes. Surprisingly both are correct.

सुविचार – संसार की भागदौड़ – 265

1. संसार की भागदौड़ अंत में थकान, बीमारी और खालीपन ही देती है –

फिर भी मनुष्य उसी में उलझा रहता है.
2. बाहरी यात्रा का अंत अक्सर निराशा है,
और वही भीतर की यात्रा का द्वार बनती है.
3. लोग दौड़ रहे हैं, पर कहाँ—यह किसी को नहीं पता.
शायद रुककर आँखें बंद करना ही पहली समझ है.
4. दुनिया को समझना है तो आँखें खोलकर नहीं,
कभी-कभी उन्हें बंद करके देखना पड़ता है.
5.भीड़ में रहकर भी जो भीतर की शांति खोज ले,
वही सच में जागने की दिशा में है.

सुविचार – “..खुद को खो देना” – 264

..”खुद को खो देना”

_ याद है जब उन्होंने तुम्हारे साथ बार-बार बुरा बर्ताव किया,
_ इतना कि तुमने कहना शुरू कर दिया — “अब आदत सी हो गई है”
_ याद है जब उन्होंने कभी भी तुम्हारी कोशिशों की कद्र नहीं की,
_ और तुमने खुद से कहना शुरू कर दिया — “सब ठीक हो जाएगा।”
_ याद है जब वो हर बार तुम्हें कमतर समझते थे,
_ और तुमने कहना सीख लिया — “मैं ठीक हूँ।”
_ याद है जब तुम्हें हमेशा आखिरी जगह दी जाती थी,
_ और तुम बस इतना कहते — “कोई बात नहीं”
_ याद है जब उन्होंने तुम्हें हमेशा हल्के में लिया,
_ और तुमने हर बार खुद को समझाया — “सब अच्छा हो जाएगा”
_ याद है जब तुम अंदर से टूटे हुए थे,
_ फिर भी हर दिन सबसे कहते थे — “मैं ठीक-ठाक हूँ”
_ अगर तुम ये पढ़ रहे हो, तो एक बात समझ लो…
_ दुनिया में कोई भी ऐसा नहीं है, जिसके लिए तुम्हें खुद को खो देना पड़े.
_ कोई भी इंसान इतना क़ीमती नहीं होता कि उसकी खुशी के लिए तुम अपनी तकलीफ़ सहो.
_ और कोई भी इतना ज़रूरी नहीं है कि उसके लिए तुम खुद को रोज़-रोज़ तकलीफ़ में डालो.
_ शायद तुम ये सुनना नहीं चाहते, लेकिन सच्चाई यही है —
उस इंसान को छोड़ देना ही तुम्हारा पहला कदम होगा खुद को दोबारा पाने की ओर..
मेरी सलाह मानो —
_ उनकी बेरुख़ी के मुक़ाबले, उनकी गैरमौजूदगी को चुनो.
_ जिसने भी लिखा धन्यवाद.. चलो ढूंढे ख़ुद को ख़ुद के अंदर.!!
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