सुविचार 183

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पहली मुलाकात में ही किसी व्यक्ति के बारे में कोई निशचित धारणा न बना ली जाए, क्योंकि बाद में उस पर अडिग नहीं रहा जा सकता.

 

 

सुविचार – किसी के खो जाने का दर्द – 181

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खो जाने वाले के परिवार से कोई पूछे किसी के खो जाने का दर्द,

_ पूरा जीवन इसी उम्मीद में निकल जाता है कि शायद वो मिल जाए,

_ किसी के मरने से कहीं ज्यादा किसी के खो जाने का दर्द ज्यादा होता है,

_ जो इस दुनिया से चला गया उसका हमें पता है, जो खो गया उसके लिए पूरा जीवन यूं ही ऊहापोह में निकल जाता है.

सुविचार – हैरान करती हैं कुछ बातें.. – 180

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*हैरान करती हैं कुछ बातें,,,

किसी का व्यवहार
किसी का हद से ज्यादा बोलना…
तो किसी की चुप्पी,,,,
किसी का हमसे मतलब होने तक बात करना,,,
किसी का हमसे बिन वजह दुश्मनी निभाना,,,
किसी का हमारी खुशियों को देख,,,
मन ही मन दुखी होना,,,
तो किसी का मासूमियत से भरा चेहरा,,,
जिसके पीछे छिपा होता है एक काला चेहरा,,,
किसी का बिन वजह हमारी परवाह करना,,,
तो किसी का जान बुझकर Ignore करना,,,,
कहीं अजनबियों का अपनापन,,,
तो कहीं अपनों का परायापन,,,
हैरान करती हैं कुछ बातें,,,हरदम*

सुविचार – मदद, सहायता, उपकार, इमदाद, हेल्प, Help – 179

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हम किसी की मदद उसके ख्वाबों को पूरा करने में तो कर सकते हैं..

_ लेकिन जब कोई इंसान ख़्वाब ही न देखे तो हम उसकी आंखों में ख़्वाब नहीं भर सकते.
_ हस्सास इंसान दूसरों की दुःख तकलीफ़ मेहसूस भी करता और परेशान भी होता है.
_ हम उनकी मदद भी करते हैं, उन्हें सुनते भी हैं, अपनी हदों से आगे जाकर उसकी मदद भी कर सकते हैं लेकिन हम किसी और के हिस्से की कोशिश नहीं कर सकते.
_ हम किसी का हौसला तो बढ़ा सकते हैं, हम रास्ता भी दिखा सकते हैं..
_ लेकिन हम किसी और के हिस्से का क़दम नहीं बढ़ा सकते हैं.
_ कुछ लोग हमारे मूंह पर तमाचा मार जाते हैं कि तुम नहीं समझोगे,
_ हां हम वाकई नहीं समझते.. क्योंकि हम चाहते हैं कि आप अपनी लड़ाई ख़ुद लड़ें.
_ रास्ता दिखाया जा सकता है लेकिन रास्ते पर उसी को चलना होता है जिसकी लड़ाई होती है.
_ सच तो ये है कि मुझे अब किसी भी चीज़ का कोई मलाल नहीं है कि मैंने किसी ऐसे अपने जानने वाले इंसान की मदद नहीं की.. जिसकी मदद की जानी चाहिए थी.
_ दरअसल ज्यादातर लोगों को मदद नहीं चाहिए होती है बस एक कंधा चाहिए होता है जहां वो बस सुना पाएं और रोते रहें.
_ मैंने ऐसे तमाम रोने वाले लोगों से दूरी इख्तियार कर ली है.
_ अब मैं अगर उन्हें सुनती हूं तो उतना जितने में मेरे ज़हन पर कोई असर न हो, और सलाह देनी तो बिलकुल ही बंद कर दी है.!!
– Nida Rahman
लगातार पच्चीस साल से अगर कोई अपनी परेशानियां बता रहा है, दुखड़े रो रहा है तो समझाए कि समाधान ढूंढे.

_ जितना हो सके तो आप उनकी मदद कर दें.
_ इसके बाद भी अगर परेशानी बनी हुई है, और आपको सुना सुना कर आपके दिमाग को लगातार निगेटिव खुराक दिया जा रहा है तो नमस्ते कर लीजिए.. नहीं तो बीमार पड़ जायेंगे.
_ क्यों कि जीवन में और भी लोग हैं उनकी परेशानियां भी सुननी है और कोशिश करनी है, उनकी जिंदगी भी पटरी पर आ जाए.
_ एक दो लोगों की लाइफ में पच्चीस साल में नहीं कुछ हो पाया तो अब उम्र निकल रही है, उनकी भी और आपकी भी निकल रही है।
_ मुझे तो लगता है ऐसे लोग परेशान कम होते हैं, अपनी परेशानी को एक माला बना लिए हैं और लगातार जप रहें हैं.
_ तो एक डाक्टर की तरह सोचिए, परेशानियां सुनिए, जितना हो सलाह सुझाव दीजिए और भूल जाइए.
_ लगातार सुनते सुनते मोह जाल में मत फंसिए, नहीं तो फालतू का टेंशन होगा और बीपी बढ़ेगा..- अपना काम प्रभावित होगा.
_ सुनिए सबकी लेकिन डाक्टर की तरह.
_ कभी कभी समय निकालिए मस्ती के लिए भी..
– Shalini Shrinet
“मदद कीजिए, लेकिन किसी और की समस्या को अपना जीवन मत बना लीजिए”
दूसरों का उपकार करना स्वयं का ही उपकार करना है.

_ इसलिए जितना हो सके उपकार करे.
_ बदले में क्या मिलेगा.. इसकी चिंता बिल्कुल न करे.
_ उस व्यक्ति से भले न मिले, भले वो चोट ही दे,
_ पर इतना मिलेगा.. जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती है.!!
मदद मिलने पर ही राहत नहीं होती..

_ मदद का वादा भी बहुत बड़ी राहत देता है.!!

सुविचार – इनकार – स्वीकार – अस्वीकार – नकार – Denied – 178

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कोई भी काम शुरू करने से पहले उसके परिणाम के बारे में जरुर सोच ले और उसी के अनुसार क्रिया करे.

_ ख़ुशी और शांति पाने के लिये अपने दिमाग में हमेशा किये जा रहे काम के परिणाम को रखिये.
_ किसी चीज के लिए इनकार करना भी _ हमें दुःख की भावनाओं को कम करने में मदद करता है ; इनकार में एक अनुग्रह है.
_ यह प्रकृति का तरीका है कि हम उतना ही अंदर आने दें” – जितना हम संभाल सकें.”
जिस चीज से जितना दूर भागोगे.. वो उसी गति से आपके पीछे लग जाएगी,

_ उसे स्वीकार लोगे तो उसका प्रभाव आपके वर्तमान जीवन पर इतना नहीं पड़ेगा..
_ जितना कि उसको अस्वीकार करने से पड़ता है.!!
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