सुविचार 391
मनुष्य का काम ही होता है कि जीवन में अवसरों को खोज कर अपनी प्रतिभा को अभिव्यक्त करे – यही मनुष्य जीवन का उद्देश्य है.
_ पर बाद में वे आपको ही कष्ट पहुँचाते हैं.
_ सर उठा के जीता हूँ पारदर्शिता में गर्व, शिकायतें ढूँढना.
_ कई जगहों पर अपूर्णता लेकिन कोई पछतावा नहीं.
_ और शायद इस अपूर्णता में मैं खुद को बार-बार पाता हूँ.!!