सुविचार 259
जिस से आप मिलें उस पर अपनी छाप छोड़ने का प्रयास करें.
आज तो उसको महफ़िल में बुला लो यारों.
मेरे मोबाइल पर उसका मैसेज तो पढ़ो यारों.
जिसमे आने का वादा किया था उसने.
किसी ने मुझको भुलाया, किसी ने याद किया…..
उन रिश्तों को थामे रखना, जिनके बिना गुजारा नहीं.
क्या है वाकिफ भी तू उसकी हकीकत से.
वरना..
पत्थर तो अपना फर्ज निभा दिया ही करते हैँ…
हर शख्श कह रहा है कि ज़माना खराब है……