मस्त विचार 049

अच्छा लगा, तेरा बोलना, बतलाना.

अच्छा लगा, तेरा हँसना, मुस्कुराना.

अच्छा लगा, तेरे संग में चलना.

अच्छा लगा, तेरा मिलना, मिलाना.

पर अब दुःख है तेरे जाने का.

तू जो अब तक साथ रहा.

हर दिन तुमने मुझको कुछ सिखलाया.

सुख- दुःख में भी मेरे साथ रहा.

पर फिर भी कहूँगा, अच्छा लगा.

मस्त विचार 047

सिर्फ एक ही तमन्ना रखते हैं हम अपने दिल में..

बस महोब्बत से याद करो चाहे मुद्दतों न बात करो..

मस्त विचार 046

 क्यों जिन्दगी की राह में मजबूर हो गए,

इतने हुए करीब के हम दूर हो गए,

ऐसा नहीं के हम को कोई भी खुशी नहीं,

लेकिन ये जिन्दगी तो कोई जिन्दगी नहीं,

क्यों इसके फैसले हमे मंजूर हो गए,

पाया तुम्हे तो हम को लगा तुम को खो दिया,

हम दिल पे रोये और ये दिल हम पे रो दिया,

पलकों से ख्वाब क्यों गिरे क्यों चूर हो गए.

मस्त विचार 045

 कभी हंस लिया तेरे बिना, कभी रो लिया तेरे बिना.

कभी जग लिया तेरे बिना, कभी सो लिया तेरे बिना.

भरी दुनिया में अकेला हूँ तेरे बिना.

कभी हंस लिया तेरे बिना, कभी रो लिया तेरे बिना.

मस्त विचार 044

ऐ यार, अब तो फासले मिटा दे,

नामुमकिन को मुमकिन बना दे,

तुम से ही एक रिश्ता है यारी का,

इन्तजार की घड़ियां मिटा दे.

मस्त विचार 042

फूल बन कर क्या जीना.

एक दिन मुरझा जाओगे, और दफ़ना दिए जाओगे.

जीना है तो पत्थर बन के जीओ.

कभी तराशे गए तो, हीरा कहलाओगे.

मस्त विचार 041

मुझे मालूम है तुम्हे पता है

मुझे अब अच्छा लगने लगा है

अपने ही भीतर खो जाना

क्योंकि वहाँ तुम चले आते हो हर बार.

मस्त विचार 040

मुझे भा गया है, तेरे पास आना.

तू मिल गया मुझे, मिल गया ठिकाना.

ऐ यार, तुम कहीं बदल न जाना.

मेरी ये दुनिया, आबाद है तुम्ही से.

आबाद मेरी दुनिया, बरबाद न बनाना.

मुझे भा गया है, तेरे पास आना.

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