Collection of Thought 792
आज आपके पास जो है उसके लिए आभारी रहें, क्योंकि हो सकता है कि कल आपके पास न हो.
आज आपके पास जो है उसके लिए आभारी रहें, क्योंकि हो सकता है कि कल आपके पास न हो.
जो छूट गया वो लम्हा बेहतर था..!!
ना उसने कभी बांधा ना मैंने कभी छोड़ा…
अकेले हम धागा हैं, मिल जाएं तो चादर हैं ;
अकेले हम कागज हैं, मिल जाएं तो किताब हैं;
” जीवन का आनन्द मिलजुल कर रहने में ही है ”
हम वहां काम आते हैं..जहां सब साथ छोड़ जाते हैं.
यही जीवन का प्रबंधन कहलाता है.
जब कोई सुनने वाला नहीं होता.
हम अपने दिलों को ऐसे फूलों की तरह कैसे बना सकते हैं ?
याद रखिये आपका काम अपनी फैमिली की जरूरतों का ध्यान रखना, उन्हें खुश रखना है,
पूरी दुनिया को इम्प्रेस करना नहीं.