मस्त विचार 2611
लोग अफसोस से कहते हैं कि कोई किसी का नहीं,
और खुद खुदसे पूछना भूल जाते हैं की हम किसके हैं.
और खुद खुदसे पूछना भूल जाते हैं की हम किसके हैं.
जब हम किसी स्थिति को बदलने में सक्षम नहीं होते हैं, तो हमें खुद को बदलने की चुनौती दी जाती है.
*आपका धैर्य* *जब आपके पास कुछ न हो..*
*आपका व्यवहार* *जब आपके पास सब कुछ हो…*
दरवाज़े तक जो आया है अंदर भी आएगा !!
ऐसी ताकत बन जाओगे कि पहाड़ भी रास्ता देंगे.
*ठोकर* *इसलिए लगती है कि* *इंसान आगे संभल जाये.
और उससे भी बहुत कम है जो मुझे समझ पाते हैं.
जहाँ मंजिले होगी अपनी.* कोई तो ऐसी ज़मीं होगी..*****
ना कोई आगे चलता है और ना कोई पीछे छूटता है !