Collection of Thought 620

Discover what you love to do the most, and strengthen it.

ढूंढिए कि आप सबसे ज्यादा क्या करना पसंद करते हैं, और इसे मजबूत करें.

मस्त विचार 2126

जीवन की इस कठिन डगर में दोस्त हज़ारों मिल जाते हैं,

जो मतलब पूरा होने पर अपनी राह बदल जाते हैं.

सुविचार 2251

*समुद्र के किनारे जब एक लहर आयी तो एक बच्चे का चप्पल ही अपने साथ बहा ले गई| बच्चा रेत पर अंगुली से लिखता है “समुद्र चोर है”| उसी समुद्र के एक दूसरे किनारे कुछ मछुआरे बहुत सारी मछली पकड़ लेते हैं| वह उसी रेत पर लिखता है “समुद्र मेरा* *पालनहार है”| एक युवक समुद्र में डूब कर मर जाता है| उसकी मां रेत पर लिखती है “समुद्र हत्यारा है”| एक दूसरे किनारे एक गरीब बूढ़ा टेढ़ी कमर लिए रेत पर टहल रहा था| उसे एक बड़े सीप में एक अनमोल मोती मिल गया| वह रेत पर लिखता है “समुद्र दानी है”|* *अचानक एक बड़ी लहर आती है* *और सारे लिखा मिटा कर चली जाती है| लोग जो भी कहे समुद्र के बारे में लेकिन विशाल समुद्र अपनी लहरों में मस्त रहता है| अपने तुफान और शांति वह अपने हिसाब से तय करता है|*

*अगर विशाल समुद्र बनना है तो किसी के निर्णय पर अपना ध्यान ना दें| जो करना है अपने हिसाब से करें| जो गुजर गया उसकी चिंता में ना रहे| हार जीत, खोना पाना, सुख-दुख, इन सबके चलते मन विचलित ना करें| अगर जिंदगी सुख शांति से ही भरी होती तो आदमी जन्म लेते समय रोता नहीं| जन्म के समय रोना और मरकर रुलाना इसी के बीच के संघर्ष भरे समय को जिंदगी कहते हैं|*

सुविचार 2250

वही आदमी सफल होता है जिसका भले ही काम करने का तरीका बदल जाये पर इरादा नही बदलता.

Only that person is successful whose way of working may change but the intention does not change.
पसीने की स्याही से जो लिखते हैं इरादों को,
_उसके मुक्कद्दर के सफ़ेद पन्ने कभी कोरे नही होते…
अगर जीवन में वास्तव में कुछ महत्वपूर्ण है, तो वह है हमारी रुचि और हमारा इरादा.

_ यदि हम किसी भी कार्य को दुनिया को केंद्र में रखकर करते हैं, तो हम सीमित और संकीर्ण हो जाएंगे,
_ इसलिए हमेशा अपने आप को केंद्र में रखकर ही अपना कार्य करें.!!
हममें से कुछ लोग वास्तव में शुद्ध इरादों पर कायम हैं.
Some of us really have pure intentions.

सुविचार 2249

गिर गया तो क्या हुआ, गिरता वही जो चलता है.

अरे बस इतना सा करना है, फिर से उठकर और फिर से चलना है.

सुविचार 2248

बहुत गिनाते रहे तुम औरों के ‘गुण- दोष’…

अपने अंदर झांक लो…उड़ जायेंगे होश.

मस्त विचार 2123

वो रोज़ बात करता है मगर कुछ बोलता नहीं है

चौखट पर बैठा है मगर द्वार खोलता नहीं है,

नाराज़ है किसी से या है इंतज़ार में किसी के,

क्यों खामोशियों को अपनी वो तोड़ता नहीं है,

कौन से वादे ने उसका किया है ऐसा हाल,

बुराई तो करता है उसकी मगर कोसता नहीं है.

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