Collection of Thought 608

A man’s own character is the arbiter of his fortune.

मनुष्य का अपना चरित्र ही उसके भाग्य का मध्यस्थ होता है.

सुविचार 2188

गलत लोगों को परखिये और उन्हें जीवन से निकाल फेकिये… ये कहना आसान है पर करना नामुमकिन भी नहीं ;

गलत लोग सदैव गलत राह पर ही ले जाएंगे और सही लोग सदैव सही राह पर… चुनना आपको है.

सुविचार 2187

 

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यदि हमारी इच्छा शक्ति दृढ है तो दुनिया की कोई ताकत हमें हार मानने पर मजबूर नहीं कर सकती.

 

सुविचार 2186

स्वहित….

आप यदि केवल स्वयं का ही ध्यान रखेंगे, स्वयं का हित साधने में लगे रहेंगे, तो धीरे धीरे अन्य लोग भी आप पर ध्यान देना बंद कर देंगे !

इसलिए सभी का ध्यान रखते हुए सब से मिल जुल कर चलें !!!

मस्त विचार 2061

परिंदों को तो रोज गिरे हुए दाने जुटाने हैं,

परेशान वो हैं जिनके घरों में भरे हुए तहखाने हैं.

सुविचार 2185

संघर्ष प्रकृति का आमन्त्रण है,

जो स्वीकार करता है, वही आगे बढ़ता है.

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