Collection of Thought 607
मौका हमें कई गलतियों को सुधारता है जिसे कारण नहीं जानता कि कैसे सुधारा जाए.
मौका हमें कई गलतियों को सुधारता है जिसे कारण नहीं जानता कि कैसे सुधारा जाए.
जैसे हमारे विचार होते हैं, कुछ हद तक हमारा तन और मन भी वैसी ही प्रतिक्रिया देता है. हमारे मन में यदि ये बात बैठ गई कि ठंड मुझे बिलकुल बर्दाश्त नहीं होती तो तन भी वैसी ही प्रतिक्रिया करनी शुरू कर देगा.
जीतने की इच्छा कभी मत करना.
जिस पर मैं सवार था और कुछ पलो में ही
मैं ये देख कर हैरान रह गया …
कि कश्ती खुद ही पार लगना जानती थी…
The journey of life will become a lot easier if you enjoy every moment of it.
बस मैंने गलतियां आपसे ज्यादा की हैं.
क्योंकि समय बीतने के साथ मकान में बेवजह सामान
और मन में गलतफहमियां भर जाती है.
वजन बातों का नहीं, जेब का होता है,
जो जेब हो भारी,तो रिश्ता गहरा होता है,
खाली जेब वाला, कोड़ियों में बिकता है.
लेकिन कोशिश ही नहीं करेंगे तो आप गुनहगार होंगे.
कुछ इस तरह हमने जिंदगी संभाली है.