मस्त विचार 1048
मै जब दर्पण में अपना चेहरा देखता हूँ, तो एक अजनबी चेहरे की झलक दिखाई देती है,
_ तब मुझे लगता है कि मै स्वयम को कितना कम जानता हूँ.
_ तब मुझे लगता है कि मै स्वयम को कितना कम जानता हूँ.
ज़िंदगी को ढूंढने में ज़िंदगी बर्बाद की.
आपकी खुशी का कारण आप स्वयं के अलावा कोई नहीं है.
जब से ये फर्क जाना, जिंदगी आसान बहुत हो गई.
सफल होने के लिए नहीं बल्कि मूल्यवान बनने का प्रयास करें.
कोई भी मूल्यवान वस्तु बिना किसी कठिनाई के आपके पास नहीं आती.