सुविचार – विद्यार्थी – 018
सुविचार – बचपन – बच्चा – बच्चे – बच्चों – 017
सुविचार – टाइम मैनेज – 016
आप यह नहीं कह सकते कि आपके पास समय नहीं है क्योंकि आपको भी दिन में उतना ही समय (24 घंटे) मिलता है जितना समय महान एंव सफल लोगों को मिलता है.
_ वरना समय भी एक समय तक ही मोहलत देता है…!!!!
_ लेकिन समय बर्बाद कर के आप अपना जीवन नष्ट करते हैं..!!
_ यह भी एक अच्छा टाइम पास है.!!
Time is like a river. You cannot touch the same water twice, because the flow that has passed will never pass again. Enjoy every moment of your life !
आप इसे रख नहीं सकते, लेकिन आप इसे खर्च कर सकते हैं ; _ एक बार आपने इसे खो दिया तो आप इसे कभी वापस नहीं पा सकते..
हम अपने जीवन में सबसे बड़ी गलती यह सोचते हैं कि हमारे पास समय है.
Time is free, but it’s priceless. You can’t own it, but you can use it. You can’t keep it, but you can spend it. Once you’ve lost it you can never get it back. The biggest mistake we make in our life is thinking we have time.
जो लोग यह कहते हैं ” मेरे पास बहुत काम है, वक्त नहीं है….. ” दरअसल वे लोग दिशाहीन होते हैं, उन्हें खुद को मैनेज करना नहीं आता.
इसलिए समय का अधिक से अधिक इस्तेमाल करना चाहिए. जब कभी लगे कि समय कम पड़ गया है, तो अपना एक रूटीन बना लेना चाहिए. जिंदगी में आगे बढ़ने के लिए टाइम मैनेजमेंट में पारंगत होना जरुरी है. ऐसा नहीं होने पर कभी लगेगा समय कट नहीं रहा है और कभी अनुभव होगा कि समय है ही नहीं- इसलिए समय से पंगा नहीं.
सुविचार – ईर्ष्या – ईर्ष्यालु – द्वेष – घृणा- कुढ़ना – नफ़रत – नफरत – जलन – 015
सुविचार – वाणी – 014
इसलिए यदि किसी के बारे में कुछ अच्छा नहीं कह सकते, तो चुप रहें.
मीठा बोलने मेँ हमारा कुछ नहीं जाता, किन्तु इससे हमें अमूल्य लोग, मित्र मिलते हैं और अनेक समस्याए मुफ्त मेँ हल हो जाती हैं !
अतः मधुर बोलें, वाणी संयम एक महान तप है !!!
इसलिए बुद्धिमान व्यक्ति को चाहिए कि वाणी की समय- असमय रछा करे.
भाव अच्छे हों कर्म भी अच्छे हों, मगर वाणी खराब हो तो सम्बन्ध कभी टिकते नहीं.
बोलने के दौरान संयम के अभाव में कई तरह की समस्याएँ पैदा हो जाती हैं.
वाणी की कठोरता के कारण व्यक्ति अपनों से भी दूर हो जाता है.
उतनी धन और सम्पत्ति को लेकर नहीं होती.
उसका एक कठोर शब्द दूसरे इंसान को कितना गहरा जख्म दे देता है.
इनका इस्तेमाल बहुत सोच- समझ कर करना चाहिए.
जो स्वयं के लिए भी दुख का कारण बन जाती है.
लेकिन वाणी अगर मर्यादा तोड़े तो सर्वनाश होता है.






