| Aug 16, 2014 | मस्त विचार
तुम आये थे हमे अमरित पिलाने,
हमने तुम्हे ही विष पिलाया!
कैसा है आदमी मौला
के आज भी जीना न आया!!
रो रहे कुछ लोग तेरे प्यार में
रह रह तडप उठते हुआ जो तुम पर
हुकूमतें लेकिन वही हैं
सुकरात को जिनने जलाया!!
अच्छे लोग हैं कमतर
जाहिलों की दुनिया है
कभी मंसूर को काटा
कभी हजरत को सताया!!
तुम आये थे अमरित पिलाने
हमने तुम्हे ही विष पिलाया!!
| Aug 16, 2014 | मस्त विचार
ये दोस्ती भी एक रिश्ता है,
जो निभा दे वो फ़रिश्ता है.
| Aug 16, 2014 | मस्त विचार
ऐ यार, तेरा साथ कुछ ख़ास है.
हर वक़्त तेरी याद मेरे साथ है.
मन तो करता है कि खुद से ही खुद को चुरा लूँ.
पर कहते हैं चोरी करना बुरी बात है.
| Aug 15, 2014 | मस्त विचार
ज़िन्दगी क्या है ? समझने में बड़ा वक़्त लगे .
यह कभी ठंडी लगे, तो यह कभी गर्म लगे .
तुम अगर बैठ भी जाओ, नजदीक में आकर .
सच में कहूं, सारी दुनिया ही मस्त लगे .
| Aug 15, 2014 | मस्त विचार
तुझे क्या मिला ?
क्या तू सच में जीता .
अच्छा होता कि तू हार जाता .
तू तो जीत कर भी हारा ही है .
दुनिया में जो जीता वह भी हारा .
जो हारा वह तो हारा ही .
तूने क्या पाया ?
क्या करेगा इस जीत का .
किसको दिखायेगा , बताएगा.
खुशियाँ क्या मना पायेगा तू .
केवल बचा है तू और बना है सन्नाटे का बादसाह .
अपनी जीत के साथ अकेला खड़ा है .
तू जीता नहीं , हारा है .
तुझे क्या मिला ?
| Aug 15, 2014 | मस्त विचार
मै क्या था, क्या हूँ, क्या हो जाऊँगा.
कोई ना जाने, कोई ना जाने.
| Aug 15, 2014 | मस्त विचार
“वक्त” और “दौलत” के बीच का सबसे बड़ा अंतर…
आप को हर “वक्त”* पता होता है, आप के पास कितनी “दौलत” है,
लेकिन
आप कितनी भी *”दौलत” खर्च कर के यह नही जान सकते
आप के पास कितना ”वक्त” है !!
| Aug 15, 2014 | मस्त विचार
जिन लोगो में अकेले चलने की काबिलियत होती है,
…..एक दिन उनके पीछे पूरा काफिला चलता है.
| Aug 14, 2014 | मस्त विचार
थोडा – सा सफ़र और तय करना है .
जीवन ख़त्म हो जाए इससे पहले .
सबके लिए कुछ कर जांऊ .
कर्ज है मुझ पर जीवन में .
सफ़र के साथियों का .
काश कुछ मेरे वश में होता .
उतार देता हर एक का क़र्ज़ .
मुझे थोड़ी हिम्मत मिले .
थोडा – सा सफ़र और तय करना है .
| Aug 14, 2014 | मस्त विचार
मन भरा – भरा रहता है, आंसू का दरिया – सा बहता है.
दुःख भीतर – भीतर रहता है, मन हर समय कुछ कहता है.
कुछ बात थी जो ख़त्म हो रही है, यादें हैं और विलाप है.
क्या होना था क्या हो गया, मन हर समय ही रो दिया.
कुछ कहने को भी तरशा, हाँ पर बात किससे करूँ.
क्या हुआ कोई भी नहीं कहता,आंसू का दरिया बहता रहता है.