सुविचार – नकारात्मक विचारों को कैसे खत्म करें ? – 1030

नकारात्मक विचारों को कैसे खत्म करें ?

– योग और ध्यान करें, जिससे नकारात्मकता खत्म हो जाएगी और विचारों में स्पष्टता आ जाएगी.
– मोटिवेशनल किताबें पढ़ें.
– हमेशा सकारात्मक विचार वाले लोगों का साथ करें.
– सैड म्यूजिक सुनने से बचें, मन को शांत रखने वाले म्यूजिक सुनें.
– टाइम मैनेजमेंट करें.
– आलोचना सुनने और करने से बचें.
– हर कार्य को हाथ में न लें.
– किसी नकारात्मक बहस का हिस्सा न बनें.
– लोगों से उम्मीद न रखें.
– परोपकार तथा लोगों की सहायता करने की कोशिश करिए.
– लोगों को माफ करने की आदत डालिए.
कोई शख्स अचानक से क्यों अच्छा नहीं लग रहा है, पहले तो ऐसा नहीं था..!

_ दरअसल आप चाहें कितना ही सकारात्मक क्यों ना हों,
_ सामने वाला अपनी नकारात्मकता ..आप तक पहुंचा ही देता है.
_ बेवजह चिढ़ने वाले की चिढ़ ..आप तक पहुंच ही जाती है.
_ फिर क्या.. हमारे जैसे तो अपने रास्ते.. तू अपने रास्ते..!!
जब हम विचारों में होते हैं तो हम जीवन को समझते हैं..

_ सोचते हैं कि जीवन भर क्या खोया है और क्या पाया है..
_ जो पाया जाता है उसे अंत में खोना ही पड़ता है,
_ जिंदगी धुंधली हो जाती है..
_ इसी उलझन के कारण जीवन की पहेली अबूझ रह जाती है.
_ फिर भी जिंदगी कब सुलझती है ?
_ जिंदगी इसी में ऐसे ही चलती रहती है.!!
नकारात्मक लोगों की बातों पर आप जितना कम ध्यान देते हो,
_ आपकी ज़िंदगी उतनी ही ख़ुशहाल होती चली जाती है.!!
नकारात्मक लोगों से दूर रहो, क्योंकि ये ख़ुद तो कुछ करते नहीं..

_ आपको भी कुछ नहीं करने देंगे.!!

Collection of Thought 132

Life is so meaningful when spent with meaningful people.

सार्थक लोगों के साथ बिताने पर जीवन सार्थक होता है.

मस्त विचार 923

भुला दो बीता हुआ कल

दिल में बसाओ आने वाला कल

हंसो और हंसाओ, चाहे जो भी हो पल

खुशियाँ लेकर आएगा आने वाला कल.

सुविचार – वो ज़माना और था. – बात उन दिनों की है – 1029

यदि सुख-चैन पाना है तो एक बार फिर पीछे की ओर चलो, सिर्फ़ इतना पीछे कि संस्कारों को छू सको, लेकिन आगे भी अनछुआ न रह जाए.

– Manika Mohini
वो ज़माना और था…

कि जब पड़ोसियों के आधे बर्तन हमारे घर और हमारे बर्तन उनके घर मे होते थे।
वो ज़माना और था ..😌
कि जब पड़ोस के घर बेटी पीहर आती थी तो सारे मौहल्ले में रौनक होती थी।
कि जब गेंहूँ साफ करना किटी पार्टी सा हुआ करता था ,
कि जब ब्याह में मेहमानों को ठहराने के लिए होटल नहीं लिए जाते थे,
पड़ोसियों के घर उनके बिस्तर लगाए जाते थे।
वो ज़माना और था…😌
कि जब छतों पर किसके पापड़ और आलू चिप्स सूख रहें है बताना मुश्किल था।
कि जब हर रोज़ दरवाजे पर लगा लेटर बॉक्स टटोला जाता था।
कि जब डाकिये का अपने घर की तरफ रुख मन मे उत्सुकता भर देता था ।
वो ज़माना और था…😌
कि जब रिश्तेदारों का आना,
घर को त्योहार सा कर जाता था।
कि जब आठ मकान आगे रहने वाली माताजी हर तीसरे दिन तोरई भेज देती थीं,
और हमारा बचपन कहता था , कुछ अच्छा नहीं उगा सकती थीं ये।
वो ज़माना और था…
कि जब बच्चे के हर जन्मदिन पर महिलाएं बधाईयाँ गाती थीं……और बच्चा गले मे फूलों की माला लटकाए अपने को शहंशाह समझता था।
कि जब भुआ और मामा जाते समय जबरन हमारे हाथों में पैसे पकड़ाते थे,
और बड़े आपस मे मना करने और देने की बहस में एक दूसरे को अपनी सौगन्ध दिया करते थे।
वो ज़माना और था …😌
कि जब शादियों में स्कूल के लिए खरीदे काले नए चमचमाते जूते पहनना किसी शान से कम नहीं हुआ करता था।
कि जब छुट्टियों में हिल स्टेशन नहीं मामा के घर जाया करते थे….और अगले साल तक के लिए यादों का पिटारा भर के लाते थे।
कि जब स्कूलों में शिक्षक हमारे गुण नहीं हमारी कमियां बताया करते थे।
वो ज़माना और था..😌
कि जब शादी के निमंत्रण के साथ पीले चावल आया करते थे।
कि जब बिना हाथ धोये मटकी छूने की इज़ाज़त नहीं थी।
वो ज़माना और था….😌
कि जब गर्मियों की शामों को छतों पर पानी का छिड़काव करना जरूरी हुआ करता था।
कि जब सर्दियों की गुनगुनी धूप में स्वेटर बुने जाते थे और हर सलाई पर नया किस्सा सुनाया जाता था।
कि जब रात में नाख़ून काटना मना था…..जब संध्या समय झाड़ू लगाना बुरा था ।
वो ज़माना और था…..
कि जब बच्चे की आँख में काजल और माथे पे नज़र का टीका जरूरी था।
कि जब रातों को दादी नानी की कहानी हुआ करती थी ।
कि जब कजिन नहीं सभी भाई बहन हुआ करते थे ।
वो ज़माना और था….😌
कि जब डीजे नहीं , ढोलक पर थाप लगा करती थी,
कि जब गले सुरीले होना जरूरी नहीं था, दिल खोल कर बन्ने बन्नी गाये जाते थे।
कि जब शादी में एक दिन का महिला संगीत नहीं होता था आठ दस दिन तक गीत गाये जाते थे।
वो ज़माना और था…😌
कि जब बिना AC रेल का लंबा सफर पूड़ी, आलू और अचार के साथ बेहद सुहाना लगता था।
वो ज़माना और था..😌
कि जब चंद खट्टे बेरों के स्वाद के आगे कटीली झाड़ियों की चुभन भूल जाए करते थे।
वो ज़माना और था….😌
कि जब सबके घर अपने लगते थे……बिना घंटी बजाए बेतकल्लुफी से किसी भी पड़ौसी के घर घुस जाया करते थे।
वो ज़माना और था..😌
कि जब पेड़ों की शाखें हमारा बोझ उठाने को बैचेन हुआ करती थी।
कि जब एक लकड़ी से पहिये को लंबी दूरी तक संतुलित करना विजयी मुस्कान देता था।
कि जब गिल्ली डंडा, चंगा पो, सतोलिया और कंचे दोस्ती के पुल हुआ करते थे।
वो ज़माना और था…
कि जब हम डॉक्टर को दिखाने कम जाते थे डॉक्टर हमारे घर आते थे,
डॉक्टर साहब का बैग उठाकर उन्हें छोड़ कर आना तहज़ीब हुआ करती थी ।
कि जब इमली और कैरी खट्टी नहीं मीठी लगा करती थी।
वो ज़माना और था…😌
कि जब बड़े भाई बहनों के छोटे हुए कपड़े ख़ज़ाने से लगते थे।
कि जब लू भरी दोपहरी में नंगे पाँव गलियां नापा करते थे।
कि जब कुल्फी वाले की घंटी पर मीलों की दौड़ मंज़ूर थी ।
वो ज़माना और था😌
कि जब मोबाइल नहीं धर्मयुग, साप्ताहिक हिंदुस्तान, सरिता और कादम्बिनी के साथ दिन फिसलते जाते थे।
कि जब TV नहीं प्रेमचंद के उपन्यास हमें कहानियाँ सुनाते थे।
वो ज़माना और था😌
कि जब मुल्तानी मिट्टी से बालों को रेशमी बनाया जाता था ।
कि जब दस पैसे की चूरन की गोलियां ज़िंदगी मे नया जायका घोला करती थी ।
कि जब पीतल के बर्तनों में दाल उबाली जाती थी।
कि जब चटनी सिल पर पीसी जाती थी।
वो ज़माना और था,
वो ज़माना वाकई कुछ और था।

मस्त विचार 921

हँस कर जीना दस्तूर है ज़िंदगी का;

एक यही किस्सा मशहूर है ज़िंदगी का;

बीते हुए पल कभी लौट कर नहीं आते;

यही सबसे बड़ा कसूर है ज़िंदगी का;

जिंदगी के हर पल को ख़ुशी से बिताओ;

रोने का टाइम कहां, सिर्फ: मुस्कुराओ;

चाहे ये दुनिया कहे पागल आवारा;

बस याद रखना “जिंदगी ना मिलेगी दोबारा”.

Collection of Thought 131

Use of the knowledge can set on you on a good path whereas misuse will set you the path of destruction.

ज्ञान का सदुपयोग आपको अच्छे मार्ग पर ले जा सकता है जबकि दुरूपयोग आपको विनाश का मार्ग बना देगा.

Quotes by एलबर्ट हवार्ड

कम से कम 5 मिनट के लिए तो प्रत्येक व्यक्ति प्रतिदिन मूर्ख बनता ही है. हमारी बुद्धिमानी इसी में है कि 5 मिनट की अवधि को अधिक न बढ़ने दें.

Quotes by गेटे

वही महान और सुखी है, जिसे कुछ बनने की लिए, न तो किसी पर हुक्म चलाना पड़ता है, न किसी का हुक्म बजाना पड़ता है.
जिस व्यक्ति का जन्म उस प्रतिभा के साथ हुआ है जिसका वे उपयोग करने के लिए बने हैं, उसे इसका उपयोग करने में सबसे बड़ी खुशी मिलेगी.
हर दिन हमें कम से कम एक छोटा गाना सुनना चाहिए, एक अच्छी कविता पढ़नी चाहिए, एक बेहतरीन तस्वीर देखनी चाहिए और हो सके तो कुछ समझदारी भरे शब्द बोलने चाहिए.

Every day we should hear at least one little song, read one good poem, see one exquisite picture, and, if possible, speak a few sensible words.

खुशी एक गेंद है जिसके पीछे हम दौड़ते हैं जहाँ यह लुढ़कती है, और जब यह रुक जाती है तो हम इसे अपने पैरों से धक्का देते हैं.

Happiness is a ball after which we run wherever it rolls, and we push it with our feet when it stops.

सुख और दुख से ही व्यक्ति अपने और अपने भाग्य के बारे में कुछ जान पाता है ; _ वे सीखते हैं कि क्या करना है और क्या नहीं करना है.

Only by joy and sorrow does a person know anything about themselves and their destiny. They learn what to do and what to avoid.

सभी बुद्धिमान विचार पहले ही सोचे जा चुके हैं; जो आवश्यक है _ वह केवल उन्हें फिर से सोचने का प्रयास करना है.

All intelligent thoughts have already been thought; what is necessary is only to try to think them again.

जीवन जीवितों का है, और जो जीवित है _ उसे परिवर्तनों के लिए तैयार रहना चाहिए.

Life belongs to the living, and he who lives must be prepared for changes.

कोई भी उनसे अधिक बुरी तरह से गुलाम नहीं है जो झूठा विश्वास करते हैं कि वे स्वतंत्र हैं.

None are more hopelessly enslaved than those who falsely believe they are free.

हमारे पास हमेशा पर्याप्त समय होता है, अगर हम इसका सही उपयोग करेंगे.

We always have time enough, if we will but use it aright.

आपकी आंखों के सामने क्या है, यह देखना सबसे मुश्किल काम है.

The hardest thing to see is what is in front of your eyes.

जैसे ही आप खुद पर भरोसा करेंगे, आपको पता चल जाएगा कि कैसे जीना है.

As soon as you trust yourself, you will know how to live.

संसार में कुछ भी महत्वहीन नहीं है। यह सब देखने के बिंदु पर निर्भर करता है.

There is nothing insignificant in the world. It all depends on the point of view.

जीवन में जो महत्वपूर्ण है वह जीवन है, न कि जीवन का परिणाम..

What is important in life is life, and not the result of life.

यदि आप किसी व्यक्ति के मन को जानना चाहते हैं, तो उसकी बातों को सुनें.

If you wish to know the mind of a man, listen to his words.

जो तुम नहीं समझ सकते, तुम उसके अधिकारी नहीं हो सकते.

Whatever you cannot understand, you cannot possess.

किसी ने भी स्वयं को पूरी तरह से जानना कभी नहीं सीखा है.

No one has ever learned fully to know themselves.

मुझे लगता है कि मैं उन लोगों से बेहतर हूं जो मुझे सुधारने की कोशिश कर रहे हैं.

I think that I am better than the people who are trying to reform me.

मैं उनसे प्यार करता हूं जो असंभव के लिए तरसते हैं.

I love those who yearn for the impossible.

किसी कार्य के लिए कला एवं विज्ञान ही पर्याप्त नहीं है, उस में धैर्य की भी आवश्यकता पड़ती है.
यदि तुम अपने पर विश्वास कर सको तो दूसरे प्राणी भी तुम में विश्वास करने लगेंगे.
मनुष्य का व्यवहार वह आईना है जिसमें वह अपना चित्र दिखाता है.
वास्तविकता की कल्पना बहुत कम लोगों में होती है.
एक व्यक्ति वही सुनता है जो वह समझता है.
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