सुविचार – परिवार – फैमिली – Family – 047
सुविचार – परिश्रम – मेहनत – 046
सुविचार – Simple – सादगी – सहज – सहजता – सरल – सरलता – सामान्य – शालीन – शालीनता – मौलिक – मौलिकता – साधारण – साधारण जीवन – 045 *
सुविचार – डर – भय – खौफ – दहशत – घबराहट – थरथराहट – 044
व्यक्ति के जीवन 99% भय झूठे और मिथ्या है, असलियत में वो होते ही नहीं, सिवाय आपके खोपड़ी के..
Fear comes from uncertainty; we can eliminate the fear within us when we know ourselves better.
_हम सभी डर रहे हैं, तो हम सभी एक ही गति पर हैं.
_कोई न कोई दूर जरूर जाएगा, लेकिन ठीक है.
_ किसी को अपने से दूर जाते हुए देखना ठीक है, क्योंकि इससे आपको पता चल जाएगा कि यह संभव है.
_आप सीखने और इसे अपने लिए संभव बनाने का प्रयास करेंगे.!!
सुविचार – अनुशासन, नियमबद्ध आचरण – 043
जीवन बेफिक्री से जीने के दिन भले ही कम हो गये हों, पर जब मौका मिले, अपने अंदर के बच्चे को जीवित कर लीजिए. परेशान तो हर कोई है. कोई बीमारी की वजह से, कोई पारिवारिक जिम्मेदारियों के निर्वहन को लेकर, तो कोई दफ्तर के तनाव को झेलते हुए. इन सब के बीच भी मजा- मस्ती के छण को कभी नहीं गंवाएं.
हमारी संवेदनाएं जीवित रहें, इसलिए आवश्यक है व्यवस्तताओं के बीच भी कुछ पल केवल अपने लिए अपने साथ जीएं. सबके शौक अलग- अलग होते हैं, अपने साथ जीने का मतलब अपने शौक के साथ समय बिताना होता है. ऐसे समय में आप पेंटिंग करें, गाना गायें या कविता लिखें, सुडोकु हल करें या फिर जो आपकी हॉबी रही हो, उसमें ध्यान लगाएं.
कहते हैं न, वीणा के तार को न कसकर बांधना चाहिए और न ही ढीला ही, दोनों अवस्था में सुर नहीं सधेंगे. जिंदगी भी वीणा के तार की ही तरह है. समयबद्धता के साथ अनुशासन और आजादी दोनों के तालमेल से ही जिंदगी में सुखद परिणाम आयेंगे.
अनुशासन में रह कर हम खुद को कई तरह की आजादी से वंचित करते हैं, जो शायद हमें अच्छा न लगे,
पर इससे हम अपना ही भला करते हैं.
आपके पास वह करने की समझ है, जिसे किए जाने की जरुरत है.
_ जब वह भीतर की इच्छा से मेल नहीं खाता.!!








