मस्त विचार 059

तू मुझसे मुहब्बत करता है,

इसलिए तू मेरा इम्तहान लेता है,

और इम्तहान से बाहर आने के लिए,

इम्तहान में पूरा उतरने के लिए,

ताकत भी तू ही देता है.

मस्त विचार 058

मेरे मन में तू बसता था, पर मै तुझको जान न सका.

प्राणों से भी तू समीप था, पर मै ही तुझको पहचान न सका.

मस्त विचार 055

कुछ रिश्तों को कभी भी… नाम ना देना तुम…

इन्हें चलने दो ऐसे ही… इल्ज़ाम ना देना तुम.

ऐसे ही रहने दो तुम… तिश्नग़ी हर लफ़्ज़ में…

के अल्फ़ाज़ों को मेरे… अंज़ाम ना देना तुम.

मस्त विचार 054

मैं तो रोशन हूँ तेरे ही दीये की रोशनी से.

कभी न कभी तो बुझ जाऊँगा.

आज शिकायत है लोगों को मेरी रोशनी से.

कल अँधेरे में उन्हें बहोत याद आऊँगा.

मस्त विचार 053

जीवन मस्ताना बनने दो, आँखों से आँखों को मिलने दो.

कुछ तो मनमानी करने दो, कब तक तरसाओगे मन को.

कुछ बात करो तो बात बने, कुछ दूर हम तुम साथ चलें.

क्या खोया है क्या पाया है, जीवन कि कहानी कहने दो.

कुछ हँस के कुछ पा लेंगे हम, रोने से सब खो देंगे हम.

हाथों में हाथ मेरा ले लो, जीवन मस्ताना बनने दो.

मस्त विचार 051

कभी सुख मिला, कभी दुःख मिला

जीवन को हँस कर बिताया मैंने.

सफ़र ये आसान न होगा

जान कर भी कदम बढ़ाया मैंने.

ख़ुशी और गम जो भी मिले

दोनों.को गले लगाया मैंने.

इस दुर्गम रास्ते के काँटों से

जीवन अपना सजाया मैंने.

जीवन के पथरीले रास्ते पर

कभी सुख मिला, कभी दुःख मिला.

सुविचार – युवा – जवान – Young – 211

युवा होने का कोई सम्बन्ध उम्र से नहीं है, युवा होना चित्त की अवस्था है.

_ जो युवा देश और समाज की गली सड़ी व्यवस्था का, झूठी धार्मिक मान्यताओं का, पाखंडों का, रूढियों का, अन्धविश्वास का, धार्मिक व सामाजिक बुराइयों का विरोध नहीं करता, वो युवा होकर भी युवा नहीं है, वो तो बुढ़े से भी गया गुजरा है, उससे देश और समाज का कोई भला नहीं हो सकता.
_ युवा वो है जो देश और समाज की इन गली सड़ी व्यवस्थाओं का विरोध करे,
_ इनके विरुद्ध आवाज बुलंद करे. देश और समाज को नयी दिशा दे,
_ दुनिया के साथ अपने देश और समाज को प्रतिस्पर्धा में शामिल करें, चुनौतियों का सामना करे.
नई-नई और तार्किक बातें सीखने की ललक जब तक आपके अंदर रहेगी..
तब तक आप ऊर्जावान और युवा रहेंगे..- अन्यथा आप बूढ़े और ढुल्लू हैं.!!
** काश मैं अपने 20 साल पर ये बातें जान पाती **

।। आज का लेख युवाओं को समर्पित ।।
इस लेख के माध्यम से मैं युवा वर्ग को संदेश देना चाहती हूं।
कहते हैं ना हमेशा दूसरों की गलतियों से सीखना चाहिए, मेरे खुद के अनुभव से जीवन की कुछ सच्चाइयां ।
1. काश समाज के दबाव के बजाय खुद हिम्मत दिखाकर अपना करियर चुन पाते तो अपना बेस्ट दिया होते आज स्थिति कुछ और होती ।
2. जब आपके आसपास के लोग आपको हर वक्त नीचे खींचने लगे तो समझ जाओ कि आप वह कर रहे हैं जो बाकी लोग नहीं कर सकते ।
3. काश यह बात पता होती की उम्र में बड़ा इंसान हमेशा सही सलाहकार हो यह जरूरी नहीं,
पके बाल हमेशा बुद्धिमान होने का कोई ठोस प्रमाण हो ये ज़रूरी नहीं ।
4. फालतू के बहस झगड़े में न पड़कर शांत रहकर आगे बढ़ गए होते हर बात का जवाब देना जरूरी नही था …फिजुल की बहस हमेशा नीचे ही ले जाती है ।
5. आलोचकों का जवाब देना समय की बर्बादी है, ज्यादातर लोग आपकी बुराई इसलिए करते है क्योंकि उन्हें डर है कि कहीं आप उनसे बहुत आगे ना निकल जाएं ।
6. जब आप किसी से मिलते है तो जिस तरीके से वो आपसे बातचीत करते हैं वो पर्याप्त है ये बताने के लिए वह इंसान कैसा है । संगत हमेशा अच्छे सोच वालो से करिए ।
7. पैसा ,गाड़ी बंगला सुखी जीवन का पैमाना नहीं बल्कि जीवन की उच्चतम सफलता स्वस्थ रहना और मानसिक शांति है ।
8. ईश्वर हमेशा उनकी मदद करता है जो दिलों जान से अपने काम में लगे रहते हैं ।
उस supernatural power पर विश्वास करते हुए अपना 100% consistency के साथ मेहनत को दिया होता और रोज बनाई गई छोटी छोटी योजनाओं पर अमल की होती तो परिस्थितियां कुछ और होती।
9. छोटी छोटी असफलताओं से घबराएं नहीं होते ।
10. अपनी जवानी में उन बेहूदा चीजों को प्राथमिकता नहीं दिए होते जिसका बाद के जीवन में कोई उपयोगिता ही नहीं रह जाती ।
फालतू की चीज़ों में व्यर्थ समय नहीं गवांना चाहिए था ।
– Divya Meera “अर्क”
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